हम सभी जानते है की भारत स्वाभिमान आंदोलन मे बाबा रामदेव और स्वर्गीय राजीव दिक्षित साथ साथ थे, लेकिन अंदर की बात कुछ और है. यहा प्रमोद कृष्णम रामदेव का पर्दाफाश करते हुये कहते है की :
1. अगर रामदेव दावा करते है की वो दुनिया की लगभग हर बिमारी और दिल के सभी रोग अपनी जडी बुटी द्वारा समूल नष्ट कर सकते है तो उन्होने राजीव दिक्षित जी के दिल के बिमारी का का इलाज क्यू नही किया ? या फिर रामदेव के दावे सही है तो फिर उन्होने जान बुझ कर भाई राजीव दिक्षित जी का इलाज नही किया ?
2. रामदेव जी हमेशा अलोपेथी को बिना वजह हद् से ज्यादा गलत केहेते आये है. राजीव जी का परिवार उनकी अलोपेथी द्वारा चिकित्सा कराना चाहता था, लेकिन अपनी बदनामी की डर से और अपनी दवाओ का मार्केट डाऊन होने की वजह से रामदेव ने राजीव दिक्षित का इलाज कराने नही दिया और नतीजा? राजीव दिक्षित जी हम सब को छोडकर इस दुनिया से चले गये ....
3. अगर रामदेव जी निर्दोष थे तो उन्होने राजीव दिक्षित जी का अंतिम संस्कार इतनी जल्दबाजी मे क्यू करवाया? अगर राजीव जी की मौत अनजान कारणो से हुई थी तो रामदेव ने अंतिम संस्कार कुछ देर के लिये आगे क्यू नही धकेला ? राजीव जी के शव का पोस्ट मार्टम क्यू नही करने दिया ?
4. रामदेव ने गुरु-शिष्य परंपरा पर ढेरों प्रवचन दिए. लेकिन खुद अपने गुरु-स्वामी शंकरदेव का दुख नहीं दूर कर पाए. बाबा रामदेव गुरु के स्वामी शंकर देव महाराज को टीबी और फेफडो की गंभीर बिमारी थी, रामदेव ने उन्हे इलाज तक के लिए पैसे नहीं दिये. उन्होने अपने गुरु को अलोपेथी इलाज नही करने दिया, इसीलिये मजबूरन गुरु शंकरदेव को पतंजली योगपीठ से गुप्त तरीके से भागना पडा
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